जानिए कोनसी भाषा की रामायण मे सीता को रावण की बेटी बताया गया हे!!

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लाहौली रामायण

दोस्तों हमारा देश बहुत ही विभिन्न और विशिस्ट यहाँ पे सब भाषा बोलने वाले लोग और कई प्राचीन जगहो की आज भी चर्चा होती हे| ऐसा ही एक उदाहरण हिमाचल प्रदेश के लाहौली स्पित मे हे| लाहौली रामायण मे एक अलग ही मान्यता हे जो की वहां के लोग मानते हे|

लाहौली रामायण के अनुसार लाहौली स्पित मे यहाँ सीता को रावण की बेटी बताया जाता हे| एसा वहां के लोगो का मानना हे की रामजी सीता से प्रेम करते थे इसलिए वो उन्हें लेके वनवास चले गए थे| और इसी कारण से रामायण मे रामजी और रावण का युद्ध हुआ था| हालाकि लाहौल के इतिहासकारो का मानना हे की लाहौली भाषा मे कोई रामायण लिखी गई नई हे लेकिन यहाँ के लोगो मे प्राचीनकाल से ये कहानी चलती आ रही हे|

लाहौली स्पित त्रिलोकनाथ मंदिर :-

त्रिलोकनाथ त्रिलोकनाथ मंदिर

दशवीं शतब्दी मे स्थापित जो की लाहौली मे त्रिलोकनाथ मंदिर के पुजारी बीर सिंह ठाकुर का मानना हे की वहां सीता माता को धरती पुत्री कहते हे| इस मंदिर मे भगवान बुद्ध की मूर्ति के ऊपर एक मूर्ति हे जिसको कोई सीता माता बताते हे तो कोई भगवान शिव की मूर्ति बताते हे| रावण भी शिव भक्त था|

यहाँ की विशिस्टता ये हे की यहाँ पे दोनों धर्म मे पुजारी(धर्म सेवक) आके बारी बारी से पूजा करते हे| पहले भगवान बुद्ध पूजक पहले आके मूर्ति के चक्कर लगाते हे इसके बाद शिवजी पूजक आके पूजा अर्चना करते हे| यही भारत की विशिस्टता हे|

सीताजी के जन्म को लेकर आचर्यजनक मान्यता:-

कहा जाता हे की एक ब्राह्मण लक्ष्मी माता जी को ख़ुश करने के लिए पूजा पाठ कर रहा था| वहा एक कलश पड़ा था वही पे रावण ब्राम्हण का ध्यान भटकाके वह कलश अपने वहा लेके आया और अपनी पत्नी मंदोदरी को कहा की इसमें जहर हे| इसलिए इसको संभालकर रखे| एक दिन रावण की पत्नी मंदोदरी रावण से परेशान हो के वह कलश का पानी पी जाती हे उसी वक़्त वो गर्भवती थी और प्रसूति होते ही इन्होने उसको मरा हुआ समझ के जमीन मे फेक दिया|

वहा राजा जनक खेत मे हल चला रहे थे तो उनको ये पुत्री जीवित मिली जिसको सीता मानते हे| वो आगे जाके लाहौली Lahoमे धरती पुत्री के नाम से जानते हे|

 

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